Wednesday, 29 August 2012

गंदा ट्च


गंदा ट्च

गंदा ट्च अर्थात गलत स्पर्श क्या है? इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए आप में से बहुत से लोगों को हो सकता है कि  हिचकिचाहट सी मह्सूस हो पर हमारे समाज में न जाने कितने ही  अबोध मासूम बच्चों व लड़कियों के साथ इस प्रकार का शोषण हो रहा है अतः इस गंभीर विषय पर प्रकाश डालना और इससे आप सबको अवगत कराना मैं अपना कर्तव्य समझता हूँ......
किसी अन्य व्यक्ति का आपके शरीर पर वो स्पर्श जो आपको असहज करे , आपको घृ्णित अहसास कराये, अप्रिय हो , जिसके बाद बैचेनी हो वो गंदा / गलत स्पर्श है और उसे स्वीकार करना गलत है जैसे पीठ सहलाना , छाती पर हाथ फेरना , मुँह , कंधे , पेट, जांघ और पांव को सामान्य से अधिक स्पर्श करना , शरीर के प्राइवेट पार्टस को छूने का प्रयत्न करना आदि .
चीनू [ नाम बदल दिया गया है ] जो दिल्ली के एक संयुक्त परिवार में रहने वाला एक 10 वर्षीय लड़का है ......परिवार में उसके माता- पिता व बड़े भाई के अलावा उसके दो चाचा , दादा- दादी और अविवाहित बुआ रहती है .एक दिन लाइट की कटौती के चलते पूरा परिवार छत पर ही एक साथ सो गया ..जगह कम होने के कारण चीनू अपने छोटे चाचा [ उम्र करीब 29 वर्ष ] के साथ सो गया ..पर आधी रात बीत जाते ही चीनु के चाचा ने सबसे पहले उसके पेट ...फिर छाती .....फिर होंठो तक सामान्य से अधिक स्पर्श व दबाव बनाना शुरु कर दिया ...इससे पहले कि चीनु कुछ समझ पाता उसके चाचा उससे चुंबन करने लगे .....चीनू की अबोध मानसिकता के कारण वो अपने चाचा के इस गलत स्पर्श को उनका प्यार भरा स्पर्श समझता रहा.....परंतु जब चाचा न रुका तब अंततः चीनु असहज होकर उठ खड़ा हुआ ....हड़बड़ाहट के चलते और इस डर से कि कहीं चाचा उसे वापस न पकड़ ले इसलिये चीनू जीनों से नीचे की ओर भागा परंतु अंधेरा होने के कारण व घबराहट के चलते चीनू का पैर फिसल गया व उसका सिर लहु-लुहान हो गया....खैर , चोट ज्यादा गंभीर न थी....पर चाचा की हरकत से चीनू के भीतर असुरक्षा की भावना व्याप्त हो गई .....एक दिन जब मैं उससे मिलने उसके घर गया तो उसकी आँखों में डर और असहजता देख मैं विचलित हो उठा .......फुसलाकर जब मैंने चीनू से थोड़ी बात की , उससे उसके डर की वज़ह पूछी तब चीनू ने रो-रो कर सारी बातें मुझे बता दीं...
मैं स्तब्ध था ...आँखे फटी की फटी रह गईं.....किसी तरह चीनू का हौसला बढ़ाया और उससे कहा कि अच्छा हुआ जो उसने अपने चाचा के गलत स्पर्श का विरोध किया और भविष्य में यदि उसके चाचा कोई भी ऐसी घिनौनी हरकत करे या कोई भी ऐसा स्पर्श जो उसके लिये घृ्णित हो तो तुरंत उसको अस्वीकार कर वहाँ से चला जाए और तुरंत अपने माँ -बाप या बड़े भाई को बताये .......सुरक्षा की दृष्टि से चीनू के बड़े भाई, जो मेरा अच्छा दोस्त है , उसे मैंने सारी बातें बता दीं और चीनू का ध्यान रखने को कहा.........
ये कहानी सिर्फ चीनू की नहीं बल्कि चीनू की तरह ही न जाने कितने मासूम बच्चे व लड़कियाँ इस तरह के शोषण का शिकार होते हैं ....कभी बस में चढ़ते वक्त भीड़ का फायदा उठा कर चिपकते हुए दूषित विचारों के लोगों के कारण तो कभी सह्पाठियों के कारण तो कभी अपने ही कज़िन्स के द्वारा शारीरिक उत्पीड़न  का  शिकार होते हैं मासूम बच्चे व लड़कियाँ.
यहाँ मैं यह बात भी स्पष्ट करना चाहूँगा की हर स्पर्श गलत स्पर्श नहीं .......माता- पिता, बहन- भाई के साथ प्यार से गले मिलना, दोस्तों के साथ हाथ मिलाना या ऐसा कोई भी सपर्श जो प्रेम से भरा हो वह गलत नहीं .......परंतु अच्छा स्पर्श व गलत स्पर्श क्या है ? बच्चों के लिये अक्षर ज्ञान  से पहले ये सब जानना कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है ...बच्चों का सही विकास हो , वे किसी भी प्रकार के शोषण का शिकार न बनें व खुद को सुरक्षित महसूस करें इसलिये ये बेहद जरुरी है कि हम बड़े इस बात को समझे कि ये हमारी ही ज़िम्मेदारी है कि केवल लड़कियों को ही नहीं बल्कि लड़कों को भी उनके खिलाफ हो रहे गलत बर्ताव को पह्चानने और उसके खिलाफ  कदम उठाने की जानकारी देकर उनके लिये एक सुंदर संसार की स्थापना करें......

आपके विचारों, टिप्पणियों, सलाहों  के इंतजार के साथ , आपका :

                                                      - ऋषभ शुक्ल
 [लेखक एक प्रख्यात समाज सेवी संस्थान [ NGO] से जुड़ा है व बाल शोषण के खिलाफ एवं बाल विकास व कल्याण के लिये राष्ट्रीय स्तर पर प्रयासरत हैं.]


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12 comments:

  1. Thanks for this post. thanks for raising and throwing light on such sensitive issue . I adore your blog!

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  2. बेहद सरहनीय प्रयास...ऋषभ जी को धन्यवाद .... आज के आधुनिक समाज को आप जैसे क्रांतिकारी लेखकों की ही जरुरत है....

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    1. thanks dear reader ....plz keep visiting :-)
      plz do mention your name while choosing the profile Anonymous.
      thanks

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  3. really a very serious topic ...thanks for enlightening your readers .. you are doing a great job ...god bless you
    - Arjun Saxena
    ( Psychologist)



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    1. thanks arjun saxena..........plz keep visiting

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  4. waiting for your book/novel based on Modern Society............ such a stupendous blog & views .

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    1. thanks smita das..........plz keep visiting

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  5. u know what raising these kinda issues will spread awareness about d dirt in which our society is prevailing...Thanx 4 dis...

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    1. thanks a lott archit ..plz keep visiting ...your comments are precious for me.

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  6. I love that you are a real person :) Blogs might be temporary, but yours has done lots of good things that will definitely be sticking around for a while, so keep it up!

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